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cancer in women: इन 6 तरीकों से दिखते है महिलाओं में कैंसर के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£, पांचवीं बात को बदलते मौसम का असर समà¤à¤¨à¥‡ की न करें à¤à¥‚ल
कैंसर(Cancer) दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। कैंसर की गिनती उन बड़ी बीमारियों में की जाती है जिसमें शरीर के à¤à¥€à¤¤à¤° विकार पैदा करने वाली कोशिकाà¤à¤‚ बनने लगती है और अनियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रूप से विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ होकर धीरे-धीरे आपके पूरे शरीर में फैलने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ रखती है। इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसरà¥à¤š की à¤à¤• रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, à¤à¤¾à¤°à¤¤ में सात तरह के कैंसर के मामले जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देखने के लिठमिलते हैं। इस लिसà¥à¤Ÿ फेफड़े, सà¥à¤¤à¤¨, अनà¥à¤¨à¤ªà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€, मà¥à¤à¤¹, पेट, लीवर और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ में होने वाले कैंसर शामिल है। इस रिपोरà¥à¤Ÿ में यह à¤à¥€ सामने आया है कि महिलाओं में पà¥à¤°à¥‚षों की अपेकà¥à¤·à¤¾ कैंसर के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है।à¤à¤¸à¥‡ में हमने बात कि मà¥à¤‚बई के ले नेसà¥à¤Ÿ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² मलाड के पà¥à¤°à¤¸à¥‚ति à¤à¤µà¤‚ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ रोग विशेषजà¥à¤ž, डॉकà¥à¤Ÿà¤° मà¥à¤•ेश गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾ से। वह बताते हैं कि कैंसर में अचà¥à¤›à¥‡ परिणामों के लिठशà¥à¤°à¥‚आती सà¥à¤¤à¤° पर इसका निदान बहà¥à¤¤ जरूरी होता है। आधà¥à¤¨à¤¿à¤• निदान और उपचार की तकनीक के कारण कैंसर को हराना अब उतना मà¥à¤¶à¥à¤•िल नहीं है। हम कह सकते हैं कि कैंसर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के जीवन का अंत नहीं है। महिलाओं में कैंसर के मामले जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने का सबसे बड़ा कारण है इसके संकेतों की अनदेखी। महिलाà¤à¤‚ अपनी सेहत और शरीर में होने वाले छोटे से छोटे बदलाव पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें, तो कैंसर से उनकी लड़ाई बेहद आसान हो सकती है। विशेषजà¥à¤ž बताते हैं कि सà¥à¤¤à¤¨, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾, डिमà¥à¤¬à¤—à¥à¤°à¤‚थि, योनि, योनि, फेफड़े, कोलोरेकà¥à¤Ÿà¤² और तà¥à¤µà¤šà¤¾ कैंसर महिलाओं को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाले आम कैंसर हैं।
​सà¥à¤¤à¤¨ में गांठया वृदà¥à¤§à¤¿
2020 के आंकड़ों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“ ने इस बात पर पà¥à¤°à¤•ाश डाला कि कैंसर से लगà¤à¤— 10 मिलियन मौतें होती हैं, जिनमें से 2.26 मिलियन मामले सà¥à¤¤à¤¨ कैंसर के हैं। सà¥à¤¤à¤¨ कैंसर के सबसे आम लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है सà¥à¤¤à¤¨ में गांठ, निपà¥à¤ªà¤² में बदलाव या मोटा होना,निपà¥à¤ªà¤² से डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होना या कोई असामानà¥à¤¯ वृदà¥à¤§à¤¿ जिसे आप महसूस कर सकते हैं। गांठमà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में जरूरी हो जाता है कि आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ करें।
​पीरियडà¥à¤¸ के अलावा à¤à¥€ बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होना
पीरियडà¥à¤¸ के अलावा à¤à¥€ अगर आपको बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग हो रही तो यह हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² असंतà¥à¤²à¤¨ का संकेत होने के साथ किसी गंà¤à¥€à¤° बीमारी का à¤à¥€ संकेत हो सकता है। खासकर यदि आप मेनोपॉज के दौरान बà¥à¤²à¥€à¤¡ कर रहें हो। इसके अलावा कोइटल बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग, पेरिमेनोपॉज़ल बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग या इंटर मेंसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥à¤…ल बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग को हलà¥à¤•े में नहीं लेना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल कैंसर का संकेत हो सकता है। à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤² कैंसर से पीड़ित लगà¤à¤— 90% महिलाओं में असामानà¥à¤¯ वजाइनल बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होता है जो कि डिमà¥à¤¬à¤—à¥à¤°à¤‚थि के कैंसर का लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में ततà¥à¤•ाल रूप से डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाना गंà¤à¥€à¤° परिणामों को रोक सकता है।
​वजाइनल डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ
महिलाओं में वजाइनल डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ (सफेद पानी का आना) à¤à¤• सामानà¥à¤¯ और नियमित होने वाली कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है। लेकिन इसकी मातà¥à¤°à¤¾, रंग या गंध में कोई à¤à¥€ परिवरà¥à¤¤à¤¨ à¤à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ का संकेत हो सकता है। दà¥à¤°à¥à¤—ंधयà¥à¤•à¥à¤¤, à¤à¤¾à¤—दार, पीले या हरे रंग का डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ किसी संकà¥à¤°à¤®à¤£ या à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤² कैंसर की चेतावनी हो सकती है। कà¥à¤› मामलों में, सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल कैंसर में गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€, à¤à¥‚रे या खूनी डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ à¤à¥€ होते हैं।
​थकान और अचानक से वजन का घटना
अधिकांश कैंसर में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में थकान और अचानक से वजन घटने जैसे लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते हैं। हालांकि ये कमजोरी या किसी अनà¥à¤¯ बीमारी के à¤à¥€ सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं। इसलिठइसकी वजह को सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना जरूरी होता है। यदि आप अचà¥à¤›à¥€ नींद ले रहे हैं या अधिक सो रहे हैं और फिर à¤à¥€ थकावट महसूस कर रहे हैं, तो आपको चेकअप कराना चाहिà¤à¥¤
​सांस की तकलीफ और तेज खांसी
फेफड़ों के कैंसर का पहला लकà¥à¤·à¤£ लंबे समय तक रहने वाली खांसी, बिना किसी कारण के सांस लेने में तकलीफ, खून के साथ कफ या बलगम और सीने में दरà¥à¤¦ है। इन शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ संकेतों को अकà¥à¤¸à¤° नियमित खांसी या मौसम में बदलाव के रूप में गलत समà¤à¤¾ जा सकता है, बेहतर होगा कि आप अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जांच कराà¤à¤‚।
​रंग-रूप में परिवरà¥à¤¤à¤¨
निजी अंगों में कोई असामानà¥à¤¯ वृदà¥à¤§à¤¿, घाव या चकतà¥à¤¤à¥‡ वà¥à¤²à¥à¤µà¤° कैंसर का संकेत हो सकता है। इस तरह के परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ की निगरानी की जानी चाहिठऔर इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिà¤à¥¤ यह तà¥à¤µà¤šà¤¾ के कैंसर का संकेत à¤à¥€ हो सकता है। यदि आप à¤à¤• तिल को देखते हैं जो रंग, आकार बदलता है या आपके शरीर पर मसà¥à¤¸à¥‡ जहां तहां निकलने लगते हैं, ततà¥à¤•ाल रूप से जांच करवाà¤à¤‚।
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